शिव (महामृत्युंजय / त्र्यम्बक) सिद्ध मंत्र
ॐ ह्रौं जूं सः भूर्भुवः स्वः त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् भूर्भुवः स्वरौ जूं सः ह्रौं ॐ ॥
अकाल मृत्यु पर विजय, असाध्य रोगों का शमन, और लंबी आयु की प्राप्ति 59। यह मंत्र शरीर के अवरुद्ध ऊर्जा केंद्रों (Energy points) को खोलता है, नकारात्मकता के विरुद्ध रक्षा कवच बनाता है, और अवचेतन में छिपी
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अकाल मृत्यु पर विजय, असाध्य रोगों का शमन, और लंबी आयु की प्राप्ति 59। यह मंत्र शरीर के अवरुद्ध ऊर्जा केंद्रों (Energy points) को खोलता है, नकारात्मकता के विरुद्ध रक्षा कवच बनाता है, और अवचेतन में छिपी 'स्व-उपचार' (Healing) शक्तियों को जाग्रत करता है 59।
इस मंत्र से क्या होगा?
अकाल मृत्यु पर विजय, असाध्य रोगों का शमन, और लंबी आयु की प्राप्ति 59
यह मंत्र शरीर के अवरुद्ध ऊर्जा केंद्रों (Energy points) को खोलता है, नकारात्मकता के विरुद्ध रक्षा कवच बनाता है, और अवचेतन में छिपी 'स्व-उपचार' (Healing) शक्तियों को जाग्रत करता है
जाप विधि
रुद्राक्ष की माला से जप किया जाता है 59। मारक ग्रहों की दशा में सवा लाख का 'जप अनुष्ठान' अनिवार्य है 59। इसके साथ शिवलिंग का अभिषेक भी किया जाता है। इससे उच्च आध्यात्मिक ऊष्मा (Heat) उत्पन्न होती है 59।
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श्री राम जय राम कोदण्ड राम
gyan mantraमेधां म इन्द्रो दधातु मेधां देवी सरस्वती । मेधां मे अश्विनावुभावाधत्तां पुष्करस्रजा । अप्सरासु च या मेधा गन्धर्वेषु च यन्मनः । दैवीं मेधा सरस्वती सा मां मेधा सुरभिर्जुषतां स्वाहा ॥
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kaamya mantraॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः।
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dhyan mantraसोऽहम्