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उद्देश्य अनुसार मंत्र
कार्य सिद्धि हनुमान (वाल्मीकि रामायण)

कार्य सिद्धि हनुमान (वाल्मीकि रामायण) सिद्ध मंत्र

त्वमस्मिन् कार्य निर्योगे प्रमाणं हरि सत्तम । हनुमान यत्नमास्थाय दुःख क्षय करो भव ॥

असाध्य और फंसे हुए कार्यों (जैसे गंभीर कोर्ट केस) में निश्चित विजय 77। यह दुर्भाग्य, देरी और जीवन के अवरोधों को नष्ट कर दैवीय समर्थन (Daiva Bal) प्रदान करता है 75।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारसिद्ध मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

असाध्य और फंसे हुए कार्यों (जैसे गंभीर कोर्ट केस) में निश्चित विजय 77। यह दुर्भाग्य, देरी और जीवन के अवरोधों को नष्ट कर दैवीय समर्थन (Daiva Bal) प्रदान करता है 75।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

असाध्य और फंसे हुए कार्यों (जैसे गंभीर कोर्ट केस) में निश्चित विजय 77

02

यह दुर्भाग्य, देरी और जीवन के अवरोधों को नष्ट कर दैवीय समर्थन (Daiva Bal) प्रदान करता है

जाप विधि

शनिवार के दिन सूर्योदय के समय, पूर्व दिशा की ओर मुख कर हनुमान यंत्र या प्रतिमा के सम्मुख बैठें 77। ४० दिनों तक कुल ११०० बार या ४८ दिनों तक नित्य ११ बार जप करें 75।

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