मंगल नवग्रह मंत्र
ॐ अं अंगारकाय नमः (अथवा ॐ भौमाय नमः)
दैनिक जीवन में अकारण क्रोध और उग्रता पर नियंत्रण, भाइयों से प्रेम वृद्धि तथा सामान्य मंगल शांति हेतु। 15
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दैनिक जीवन में अकारण क्रोध और उग्रता पर नियंत्रण, भाइयों से प्रेम वृद्धि तथा सामान्य मंगल शांति हेतु। 15
इस मंत्र से क्या होगा?
दैनिक जीवन में अकारण क्रोध और उग्रता पर नियंत्रण, भाइयों से प्रेम वृद्धि तथा सामान्य मंगल शांति हेतु
जाप विधि
नित्य एक सौ आठ या एक हजार बार मूंगा या रुद्राक्ष माला से दक्षिण मुख होकर जप। 15
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ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्
kaamya mantraत्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः॥
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं महाकालिकायै सर्व शत्रु नाशाय नाशाय
kavach mantraक्रीं कालिकायै स्वाहा मम नाभिं सदावतु ॥ ह्रीं कालिकायै स्वाहा मम पृष्ठं सदावतु । रक्तबीजविनाशिन्यै स्वाहा हस्तौ सदावतु ॥ नीलुत्वल दलश्यामा शत्रु संघ विदारणी नरमुंड तथा खगम कमलम च वरम तथा निर्भयाम रक्त बदनाम दस्ताली घोर रूपणी शवासनताम काली मुंडमाला विभूषिताम सर्वाङ्गं पातु मे देवी सर्व संपत् करे शुभे सर्व देव स्तु ते देवी कालिके तवाम नमाम यहम 23
sabar mantraओम ह्रीम नजर उतरजा कुरु कुरु स्वाहा 26
gyan mantraतत्त्वमसि