दक्षिण काली उग्र मंत्र
ॐ ह्रीं ह्रीं हूं हूं क्रीं क्रीं क्रीं दक्षिणे कालिके क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा
घातक तंत्र बाधा, पारिवारिक विघटन, भारी ऑब्सटेकल (obstacles) व भीषण शत्रु बाधा का तत्काल निवारण 14।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
घातक तंत्र बाधा, पारिवारिक विघटन, भारी ऑब्सटेकल (obstacles) व भीषण शत्रु बाधा का तत्काल निवारण 14।
इस मंत्र से क्या होगा?
घातक तंत्र बाधा, पारिवारिक विघटन, भारी ऑब्सटेकल (obstacles) व भीषण शत्रु बाधा का तत्काल निवारण
जाप विधि
जब अन्य सभी उपाय विफल हो जाएं, तब दक्षिण दिशा की ओर मुख कर, मुंड मुद्रा में, शनिवार या अमावस्या के सूर्यास्त के बाद साधना करें। आज्ञा चक्र पर ध्यान लगाते हुए 10 बार प्राणायाम करें और फिर 10 मिनट तक लगातार जप करें 14।
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