भद्रकाली उग्र मंत्र
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं भद्रकाल्यै क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा
महाघोर संकट व शत्रु का नाश, और जीवन में अघोर भयमुक्ति 41।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
महाघोर संकट व शत्रु का नाश, और जीवन में अघोर भयमुक्ति 41।
इस मंत्र से क्या होगा?
महाघोर संकट व शत्रु का नाश, और जीवन में अघोर भयमुक्ति
जाप विधि
उग्र ध्यान व 10 बार प्राणायाम के पश्चात् मंत्र जप। जप की समाप्ति के बाद साधारण अवस्था में वापस आने के लिए कुछ देर पुनः शांत ध्यान अवश्य करें 41।
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