ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भद्रकाली

भद्रकाली उग्र मंत्र

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं भद्रकाल्यै क्रीं क्रीं क्रीं हूं हूं ह्रीं ह्रीं स्वाहा

महाघोर संकट व शत्रु का नाश, और जीवन में अघोर भयमुक्ति 41।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारउग्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

महाघोर संकट व शत्रु का नाश, और जीवन में अघोर भयमुक्ति 41।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

महाघोर संकट व शत्रु का नाश, और जीवन में अघोर भयमुक्ति

जाप विधि

उग्र ध्यान व 10 बार प्राणायाम के पश्चात् मंत्र जप। जप की समाप्ति के बाद साधारण अवस्था में वापस आने के लिए कुछ देर पुनः शांत ध्यान अवश्य करें 41।

विशेष टिप्पणियाँ

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