बगलामुखी (ब्रह्मास्त्र विद्या) उग्र मंत्र
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा
शत्रु की वाणी, मुख और पैरों का प्रबल स्तंभन (Paralysis), शत्रु की कुबुद्धि व षड्यंत्र का पूर्ण विनाश 6।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
शत्रु की वाणी, मुख और पैरों का प्रबल स्तंभन (Paralysis), शत्रु की कुबुद्धि व षड्यंत्र का पूर्ण विनाश 6।
इस मंत्र से क्या होगा?
शत्रु की वाणी, मुख और पैरों का प्रबल स्तंभन (Paralysis), शत्रु की कुबुद्धि व षड्यंत्र का पूर्ण विनाश
जाप विधि
त्रिशक्ति आह्वान के अंतर्गत तांत्रिक विधि से पीले वस्त्र, पीला आसन व हल्दी की माला का प्रयोग करते हुए गुरु के सानिध्य में जप 6।
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