शुक्र देव जप मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
श्रेष्ठ भौतिक सुखों की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में माधुर्य, कला के क्षेत्र में सफलता और ऐश्वर्य। 27
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
श्रेष्ठ भौतिक सुखों की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में माधुर्य, कला के क्षेत्र में सफलता और ऐश्वर्य। 27
इस मंत्र से क्या होगा?
श्रेष्ठ भौतिक सुखों की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में माधुर्य, कला के क्षेत्र में सफलता और ऐश्वर्य
जाप विधि
१६००० जप संख्या (४० दिन में), स्फटिक या रुद्राक्ष माला। (वैकल्पिक: ॐ ह्रीं श्रीं शुक्राय नमः) 24
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sabar mantraकाल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11
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