ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
शुक्र देव

शुक्र देव जप मंत्र

ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

श्रेष्ठ भौतिक सुखों की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में माधुर्य, कला के क्षेत्र में सफलता और ऐश्वर्य। 27

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

श्रेष्ठ भौतिक सुखों की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में माधुर्य, कला के क्षेत्र में सफलता और ऐश्वर्य। 27

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

श्रेष्ठ भौतिक सुखों की प्राप्ति, दांपत्य जीवन में माधुर्य, कला के क्षेत्र में सफलता और ऐश्वर्य

जाप विधि

१६००० जप संख्या (४० दिन में), स्फटिक या रुद्राक्ष माला। (वैकल्पिक: ॐ ह्रीं श्रीं शुक्राय नमः) 24

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

ugra mantra

ॐ पक्षिराजाय विद्महे शरभेश्वराय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्

siddh mantra

ॐ प्रं प्राप्त्यै नमः स्वाहा ।

sabar mantra

काल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11

dhyan mantra

मनोबुद्ध्यहङ्कारचित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे। न च व्योम भूमिर्न तेजो न वायुश्चिदानन्दरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम्॥

gyan mantra

ॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु । सह वीर्यं करवावहै । तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै । ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

bhakti mantra

ॐ श्री कालिकायै नमः