ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवती महालक्ष्मी

भगवती महालक्ष्मी जप मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः

स्थिर धन-संपत्ति, स्थायी ऐश्वर्य, ऋण मुक्ति, दरिद्रता नाश और व्यापार में निरंतर व निर्बाध उन्नति। 21

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

स्थिर धन-संपत्ति, स्थायी ऐश्वर्य, ऋण मुक्ति, दरिद्रता नाश और व्यापार में निरंतर व निर्बाध उन्नति। 21

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

स्थिर धन-संपत्ति, स्थायी ऐश्वर्य, ऋण मुक्ति, दरिद्रता नाश और व्यापार में निरंतर व निर्बाध उन्नति

जाप विधि

१०८ बार, कमलगट्टे की माला, शुक्रवार या दीपावली के दिन पीत अथवा रक्त आसन पर। घी की आहुति का भी विधान। 18

विशेष टिप्पणियाँ

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