भगवान शिव (पंचाक्षरी) जप मंत्र
ॐ नमः शिवाय
मोक्ष प्राप्ति, आत्मज्ञान, मानसिक शांति, नकारात्मक विचारों का नाश एवं सर्व भयों से मुक्ति। 2
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मोक्ष प्राप्ति, आत्मज्ञान, मानसिक शांति, नकारात्मक विचारों का नाश एवं सर्व भयों से मुक्ति। 2
इस मंत्र से क्या होगा?
मोक्ष प्राप्ति, आत्मज्ञान, मानसिक शांति, नकारात्मक विचारों का नाश एवं सर्व भयों से मुक्ति
जाप विधि
१०८ बार निरंतर जप, रुद्राक्ष माला, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके। 2
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ॐ धूं धूं धूं धूमावती माम रक्ष रक्ष शीघ्रम शीघ्रमाच्छा गच्छ क्षिप्रमेव आरोग्यम कुरु कुरु हुम फट धूम धूम धूमावती स्वाहा
tantrik mantraॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्
sabar mantraमाई नथिया पांचो बावरी पीर गोगा जहार वर तेरे साथ चले चलो इस्माइल जोगी चलो मेरे शब्द पर चलो सत्य पर धर्म पर चलो ना चलो तो आदि शक्ति कामाख्या की आन माता सहजा योगिन की आन शिवशंकर की आन शब्द साचा पेंड काचा देखो इस्माल जोगी तेरे शब्द का तमाशा सत्य का नाम आदेश आदेश आदेश 14
kavach mantraॐ भूर्भुव: स्व: प्रांचामा पातु भूतेशः अग्ने पातु शंकर दक्षिणे पातुमा रुद्रो नैऋत्य स्थानु रेवच पश्चिमे खंड परशु वायव्या चंद्रशेखर उत्तरे गिरीशः पातु चैशान्य ईश्वर स्वयं उर्ध्वे मुंड सदा पातु चाध्य मृत्युंजय स्वयं जले स्थले चांदरीक्षे स्वप्ने जागरने सदा पिना कितुमा प्रीत्या भक्तम वैभक्त वत्सल य: सदा धारयेन्मर्त्य: शैवं कवचमुत्तमम् । न तस्य जायते क्वापि भयं शंभोरनुग्रहात् ॥ 30॥ इति अमोघ शिव कवच सम्पूर्ण ॥ 4
bhakti mantraॐ श्री रामः शरणं मम
gyan mantraसरस्वती महाभागे विद्ये कमललोचने । विश्वरूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोऽस्तु ते ॥