भगवान हयग्रीव जप मंत्र
ॐ हसां हसीं हसूं हसैं हसौं हसः
सर्वोच्च दिव्य ज्ञान की प्राप्ति, विद्या में सफलता, और मानसिक भ्रम या अज्ञान का शमन। 44
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सर्वोच्च दिव्य ज्ञान की प्राप्ति, विद्या में सफलता, और मानसिक भ्रम या अज्ञान का शमन। 44
इस मंत्र से क्या होगा?
सर्वोच्च दिव्य ज्ञान की प्राप्ति, विद्या में सफलता, और मानसिक भ्रम या अज्ञान का शमन
जाप विधि
एकादशाक्षरी मंत्र, तुलसी माला अथवा करमाला से १०८ बार जप। 43
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ब्रीं
vaidik mantraॐ वाङ् म आस्येऽस्तु। ॐ नसोर्मे प्राणोऽस्तु। ॐ अक्ष्णोर्मे चक्षुरस्तु। ॐ कर्णयोर्मे श्रोत्रमस्तु। ॐ बाह्वोर्मे बलमस्तु। ॐ ऊर्वोर्मे ओजोऽस्तु। ॐ अरिष्टानि मेऽङ्गानि तनूस्तन्वा मे सह सन्तु॥
stotra mantraत्वं यातुधानप्रमथप्रेतमातृपिशाचविप्रग्रहघोरदृष्टीन्। दरेन्द्र विद्रावय कृष्णपूरितो भीमस्वनोऽरेर्हृदयानि कम्पयन्।। 7
bhakti mantraनीलांचल निवासाय नित्याय परमात्मने। बलभद्र सुभद्राभ्यां जगन्नाथाय ते नमः
navgrah mantraॐ वृषभध्वजाय विद्महे घृणिहस्ताय धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात्।
naam mantraबुध