भगवान शिव (रुद्र गायत्री) जप मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्
आत्मिक बल की वृद्धि, चेतना का सर्वोच्च विकास और शिव सायुज्य की प्राप्ति। 2
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
आत्मिक बल की वृद्धि, चेतना का सर्वोच्च विकास और शिव सायुज्य की प्राप्ति। 2
इस मंत्र से क्या होगा?
आत्मिक बल की वृद्धि, चेतना का सर्वोच्च विकास और शिव सायुज्य की प्राप्ति
जाप विधि
१०८ बार, रुद्राक्ष माला, प्रातः काल शिवलिंग के समक्ष या ध्यान में। 2
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