भगवान श्री राम भक्ति मंत्र
राम बोलो राम बोलो बोलो बोलो राम
वातावरण को राममय बनाना, समूह में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करना और आनंद व उल्लास के साथ भक्ति का अनुभव करना 21।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
वातावरण को राममय बनाना, समूह में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करना और आनंद व उल्लास के साथ भक्ति का अनुभव करना 21।
इस मंत्र से क्या होगा?
वातावरण को राममय बनाना, समूह में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करना और आनंद व उल्लास के साथ भक्ति का अनुभव करना
जाप विधि
यह एक सामूहिक कीर्तन और भाव-जप का मंत्र है जिसे बिना किसी माला या नियम के ढोलक, मंजीरे या तालियों के साथ उल्लासपूर्ण स्वर (वैखरी) में गाया जाता है 4।
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विशोका वा ज्योतिष्मती
kavach mantraस्कन्धौ पातु गजस्कन्धः स्तनौ विघ्नविनाशनः । हृदयं गणनाथस्तु हेरम्बो जठरं महान् ॥ धराधरः पातु पार्श्वौ पृष्ठं विघ्नहरः शुभः । लिङ्गं गुह्यं सदा पातु वक्रतुण्डो महाबलः ॥ गणक्रीडो जानुजङ्घे ऊरू मङ्गलमूर्तिमान् । एकदन्तो महाबुद्धिः पादौ गुल्फौ सदाऽवतु ॥ क्षिप्रप्रसादनो बाहू पाणी आशाप्रपूरकः । अङ्गुलीश्च नखान्पातु पद्महस्तोऽरिनाशनः ॥ सर्वाङ्गानि मयूरेशो विश्वव्यापी सदाऽवतु । अनुक्तमपि यत्स्थानं धूम्रकेतुः सदाऽवतु ॥ आमोदस्त्वग्रतः पातु प्रमोदः पृष्ठतोऽवतु । प्राच्यां रक्षतु बुद्धीश आग्नेय्यां सिद्धिदायकः ॥ दक्षिणस्यामुमापुत्रो नैऋत्यां तु गणेश्वरः । प्रतीच्यां विघ्नहर्ताऽव्याद्वायव्यां गजकर्णकः ॥ कौबेर्यां निधिपः पायादीशान्यामीशनन्दनः । दिवाऽव्यादेकदन्तस्तु रात्रौ सन्ध्यासु विघ्नहृत् ॥ 14
vaidik mantraॐ समुद्रादर्णवादधि संवत्सरो अजायत । अहोरात्राणि विदधद् विश्वस्य मिषतो वशी ॥
gyan mantraमेधादेवी जुषमाणा न आगाद्विश्वाची भद्रा सुमनस्य माना । त्वया जुष्टा नुदमाना दुरुक्तान् बृहद्वदेम विदथे सुवीराः । त्वया जुष्ट ऋषिर्भवति देवि त्वया ब्रह्माऽऽगतश्रीरुत त्वया । त्वया जुष्टश्चित्रं विन्दते वसु सा नो जुषस्व द्रविणो न मेधे ॥
jap mantraॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा
navgrah mantraॐ ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः सर्वे ग्रहाः शान्तिकरा भवन्तु॥