अंतर्मन की विशोक ज्योति (Inner Divine Light) ध्यान मंत्र
विशोका वा ज्योतिष्मती
चित्त को शोक और दुःख से मुक्त करना, भावनात्मक लचीलापन विकसित करना, और मन की स्थिति को स्थिर एवं उज्ज्वल बनाना।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
चित्त को शोक और दुःख से मुक्त करना, भावनात्मक लचीलापन विकसित करना, और मन की स्थिति को स्थिर एवं उज्ज्वल बनाना।
इस मंत्र से क्या होगा?
चित्त को शोक और दुःख से मुक्त करना, भावनात्मक लचीलापन विकसित करना, और मन की स्थिति को स्थिर एवं उज्ज्वल बनाना
जाप विधि
आँखें बंद करके अपने हृदय चक्र (वक्ष के मध्य) या आज्ञा चक्र में एक अत्यंत शांत, शोकरहित और दैवीय प्रकाश की कल्पना करें। उठने वाले विचारों को बिना प्रतिक्रिया दिए गुजरने दें और चेतना को प्रकाश पर स्थिर रखें।
विशेष टिप्पणियाँ
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