आत्मज्ञान (अहं ब्रह्मास्मि) ज्ञान मंत्र
अहं ब्रह्मास्मि
अविद्या का नाश और स्वयं के विशुद्ध ज्ञान स्वरूप होने की अनुभूति 8।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
अविद्या का नाश और स्वयं के विशुद्ध ज्ञान स्वरूप होने की अनुभूति 8।
इस मंत्र से क्या होगा?
अविद्या का नाश और स्वयं के विशुद्ध ज्ञान स्वरूप होने की अनुभूति
जाप विधि
ब्रह्मविद्या की साधना हेतु ध्यान काल में निरंतर मानसिक जप 8।
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