भगवान गणेश नाम मंत्र
वक्रतुंड
दुष्टों के वक्र (टेढ़े) मार्ग को सीधा करना एवं जीवन में न्याय की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दुष्टों के वक्र (टेढ़े) मार्ग को सीधा करना एवं जीवन में न्याय की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
दुष्टों के वक्र (टेढ़े) मार्ग को सीधा करना एवं जीवन में न्याय की प्राप्ति
जाप विधि
विषम परिस्थितियों या शत्रुओं के कुटिल चालों के समय जप।
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कस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्षःस्थले कौस्तुभं नासाग्रे नवमौक्तिकं करतले वेणुं करे कङ्कणम्। सर्वाङ्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलिं गोपस्त्रीपरिवेष्टितो विजयते गोपालचूडामणिः॥
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jap mantraॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः
siddh mantraॐ वाग्देव्यैच विद्महे ब्रह्म-पत्न्यैच धीमहि। तन्नो वाणी प्रचोदयात्॥
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sabar mantraकाल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11