ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
शरभेश्वर (शरभ शालुव)

शरभेश्वर (शरभ शालुव) उग्र मंत्र

ॐ खें खां खं फट् प्राण-ग्रहासि प्राण-ग्रहासि हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणाय शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा

असाध्य और अजेय शत्रुओं का समूल संहार, अति भयंकर तंत्र बाधाओं व कृत्या प्रयोग की अचूक काट 12।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारउग्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

असाध्य और अजेय शत्रुओं का समूल संहार, अति भयंकर तंत्र बाधाओं व कृत्या प्रयोग की अचूक काट 12।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

असाध्य और अजेय शत्रुओं का समूल संहार, अति भयंकर तंत्र बाधाओं व कृत्या प्रयोग की अचूक काट

जाप विधि

रुद्रयामल व भैरव तंत्र के आधार पर गुरु के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में पूर्ण तांत्रिक मर्यादा के साथ जप। यह मंत्र षट्कर्म के प्रयोग में लाया जाता है 12।

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