शरभेश्वर (शरभ शालुव) उग्र मंत्र
ॐ खें खां खं फट् प्राण-ग्रहासि प्राण-ग्रहासि हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणाय शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा
असाध्य और अजेय शत्रुओं का समूल संहार, अति भयंकर तंत्र बाधाओं व कृत्या प्रयोग की अचूक काट 12।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
असाध्य और अजेय शत्रुओं का समूल संहार, अति भयंकर तंत्र बाधाओं व कृत्या प्रयोग की अचूक काट 12।
इस मंत्र से क्या होगा?
असाध्य और अजेय शत्रुओं का समूल संहार, अति भयंकर तंत्र बाधाओं व कृत्या प्रयोग की अचूक काट
जाप विधि
रुद्रयामल व भैरव तंत्र के आधार पर गुरु के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में पूर्ण तांत्रिक मर्यादा के साथ जप। यह मंत्र षट्कर्म के प्रयोग में लाया जाता है 12।
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