ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान विष्णु

भगवान विष्णु नाम मंत्र

जनार्दन

समाज के शोषितों की रक्षा, दरिद्रता एवं दुर्भाग्य से मुक्ति तथा जन्म-मरण के चक्र से उद्धार।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारनाम मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

समाज के शोषितों की रक्षा, दरिद्रता एवं दुर्भाग्य से मुक्ति तथा जन्म-मरण के चक्र से उद्धार।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

समाज के शोषितों की रक्षा, दरिद्रता एवं दुर्भाग्य से मुक्ति तथा जन्म-मरण के चक्र से उद्धार

जाप विधि

तुलसी माला पर प्रतिदिन जप, विशेषकर दुखियों की सेवा करते समय।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

bhakti mantra

ॐ जय हरि विट्ठल नमो नमः पंढरीनाथा नमो नमः

kavach mantra

नासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । आंगो पांगानी सर्वानी रक्षे में सूर्य नंदन इत्तेत कवच देव पठे सूर्य सुतस्य यह नतस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्य जह व्यय जन्म द्वितीय मृत्यु स्थान गतो पिवा कलस्थो गतो वापी सुप्रीतु सदाशनी अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्म द्वितीयगे। कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्। इत्य तत कवचम दिव्यम सौरे निर्मित पुरा जन्म लग्न स्थिता दोषा सर्वान नाश्यते प्रभु इति शनि कवच संपूर्णं ॥ 20

sabar mantra

ओम गुरु जी शिव बैठे कैलाश विष्णु बैठे बैकुंठ मेरी भक्ति शिव की शक्ति पूजू अमुक देव मनाऊं तो आवे ना आवे तो दुहाई शिव शंकर की दुहाई माता काली की दुहाई गुरु गोरखनाथ की 1

ugra mantra

ॐ ह्रीं क्लीं हूँ मातंग्यै फट् स्वाहा

navgrah mantra

ॐ इमं देवा असपत्नं सुवध्यं महते क्षत्राय महते ज्यैष्ठ्याय महते जानराज्यायेन्द्रस्येन्द्रियाय। इमममुष्य पुत्रममुष्यै पुत्रमस्यै विश एष वोऽमी राजा सोमोऽस्माकं ब्राह्मणानां राजा।।

tantrik mantra

धूं धूं तंत्र बंधम स्तंभय नाशाय ठ: ठ: फट्