भगवान विष्णु नाम मंत्र
जनार्दन
समाज के शोषितों की रक्षा, दरिद्रता एवं दुर्भाग्य से मुक्ति तथा जन्म-मरण के चक्र से उद्धार।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
समाज के शोषितों की रक्षा, दरिद्रता एवं दुर्भाग्य से मुक्ति तथा जन्म-मरण के चक्र से उद्धार।
इस मंत्र से क्या होगा?
समाज के शोषितों की रक्षा, दरिद्रता एवं दुर्भाग्य से मुक्ति तथा जन्म-मरण के चक्र से उद्धार
जाप विधि
तुलसी माला पर प्रतिदिन जप, विशेषकर दुखियों की सेवा करते समय।
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ॐ
kavach mantraनासां वैवस्वत: पातु मुखं मे भास्कर: सदा । नाभिं गृहपति: पातु मन्द: पातु कटिं तथा । पदौ मन्दगति: पातु सर्वांग पातु पिप्पल: । आंगो पांगानी सर्वानी रक्षे में सूर्य नंदन इत्तेत कवच देव पठे सूर्य सुतस्य यह नतस्य जायते पीडा प्रीतो भवति सूर्य जह व्यय जन्म द्वितीय मृत्यु स्थान गतो पिवा कलस्थो गतो वापी सुप्रीतु सदाशनी अष्टमस्थे सूर्यसुते व्यये जन्म द्वितीयगे। कवचं पठते नित्यं न पीडा जायते क्वचित्। इत्य तत कवचम दिव्यम सौरे निर्मित पुरा जन्म लग्न स्थिता दोषा सर्वान नाश्यते प्रभु इति शनि कवच संपूर्णं ॥ 20
dhyan mantraगजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्। उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपङ्कजम्॥
mool mantraॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
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