ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
सिद्ध मातंगी

सिद्ध मातंगी उग्र मंत्र

ॐ ह्रीं क्लीं हूँ मातंग्यै फट् स्वाहा

वाक् सिद्धि, कला और संगीत में अद्वितीय निपुणता की प्राप्ति तथा अत्यंत उग्र तांत्रिक ऊर्जा का जागरण 5।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारउग्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

वाक् सिद्धि, कला और संगीत में अद्वितीय निपुणता की प्राप्ति तथा अत्यंत उग्र तांत्रिक ऊर्जा का जागरण 5।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

वाक् सिद्धि, कला और संगीत में अद्वितीय निपुणता की प्राप्ति तथा अत्यंत उग्र तांत्रिक ऊर्जा का जागरण

जाप विधि

कुलार्णव तंत्र व रुद्रयामल तंत्र के निर्देशानुसार, बिना गुरु दीक्षा और उचित संस्कार के इस वीर्यवान मंत्र का जप वर्जित है। सुयोग्य तंत्राचार्य के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में ही शास्त्रीय मर्यादा एवं आध्यात्मिक अनुशासन का पालन करते हुए इसका अनुष्ठान किया जाना चाहिए 5।

विशेष टिप्पणियाँ

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