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उद्देश्य अनुसार मंत्र
शरभेश्वर (पक्षिराज गायत्री)

शरभेश्वर (पक्षिराज गायत्री) उग्र मंत्र

ॐ पक्षिराजाय विद्महे शरभेश्वराय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्

कृत्या दोष नाश, असाध्य रोग शांति, और एक ऐसे उग्र रक्षा कवच का निर्माण जिसे त्रिदेव भी भेद न सकें 15।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारउग्र मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

कृत्या दोष नाश, असाध्य रोग शांति, और एक ऐसे उग्र रक्षा कवच का निर्माण जिसे त्रिदेव भी भेद न सकें 15।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

कृत्या दोष नाश, असाध्य रोग शांति, और एक ऐसे उग्र रक्षा कवच का निर्माण जिसे त्रिदेव भी भेद न सकें

जाप विधि

अष्टभैरव, एकादशरुद्र और उनकी शक्तियों का पूजन कर, सरसों के तेल से शिवलिंग का अभिषेक करते हुए जप किया जाता है 15।

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