ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
विश्वेदेवा / स्वस्तिवाचन (२५.२२)

विश्वेदेवा / स्वस्तिवाचन (२५.२२) वैदिक मंत्र

ॐ शतमिन्नु शरदो अन्ति देवा यत्रा नश्चक्रा जरसं तनूनाम् । पुत्रासो यत्र पितरो भवन्ति मा नो मध्या रीरिषतायुर्गन्तोः ॥

सौ वर्ष की स्वस्थ व निरोगी आयु की प्राप्ति, अकाल वार्धक्य (बुढ़ापे) का निवारण एवं अकाल मृत्यु से रक्षा।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

सौ वर्ष की स्वस्थ व निरोगी आयु की प्राप्ति, अकाल वार्धक्य (बुढ़ापे) का निवारण एवं अकाल मृत्यु से रक्षा।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सौ वर्ष की स्वस्थ व निरोगी आयु की प्राप्ति, अकाल वार्धक्य (बुढ़ापे) का निवारण एवं अकाल मृत्यु से रक्षा

जाप विधि

जन्म-दिवस संस्कार अथवा विवाह-संस्कार के समय पुरोहित द्वारा यजमान के मस्तक पर अक्षत छोड़ते हुए पाठ।

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