ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
अग्नि / आग्नेय काण्ड (१.१.१०)

अग्नि / आग्नेय काण्ड (१.१.१०) वैदिक मंत्र

ॐ अग्ने विवस्वदा भरास्मभ्यमूतये महे । देवो हासि नो दृशे ॥

ईश्वर से रक्षा की याचना, स्वर्ग-तुल्य आनंद की सिद्धि एवं सन्मार्ग पर चलने के लिए ईश्वरीय मार्गदर्शन।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

ईश्वर से रक्षा की याचना, स्वर्ग-तुल्य आनंद की सिद्धि एवं सन्मार्ग पर चलने के लिए ईश्वरीय मार्गदर्शन।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

ईश्वर से रक्षा की याचना, स्वर्ग-तुल्य आनंद की सिद्धि एवं सन्मार्ग पर चलने के लिए ईश्वरीय मार्गदर्शन

जाप विधि

देव-दर्शन अथवा सूर्योदय के समय पूर्वाभिमुख होकर प्रकाश-तत्त्व का ध्यान करते हुए गान।

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