ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
सोम / पवमान सूक्त (सामवेद परम्परा)

सोम / पवमान सूक्त (सामवेद परम्परा) वैदिक मंत्र

ॐ पुनन्तु मा देवजनाः पुनन्तु मनसा धियः । पुनन्तु विश्वा भूतानि जातवेदः पुनीहि मा ॥

शरीर, मन, बुद्धि, दिशाओं और अंतरिक्ष सहित सम्पूर्ण पर्यावरण का आत्यन्तिक शुद्धिकरण एवं पाप-मुक्ति।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

शरीर, मन, बुद्धि, दिशाओं और अंतरिक्ष सहित सम्पूर्ण पर्यावरण का आत्यन्तिक शुद्धिकरण एवं पाप-मुक्ति।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

शरीर, मन, बुद्धि, दिशाओं और अंतरिक्ष सहित सम्पूर्ण पर्यावरण का आत्यन्तिक शुद्धिकरण एवं पाप-मुक्ति

जाप विधि

होम-अनुष्ठान, पवित्रीकरण संस्कार अथवा तीर्थ-स्नान और जल-मार्जन करते समय उद्गाता द्वारा उच्च स्वर में गान।

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