सोम / पवमान सूक्त (सामवेद परम्परा) वैदिक मंत्र
ॐ पुनन्तु मा देवजनाः पुनन्तु मनसा धियः । पुनन्तु विश्वा भूतानि जातवेदः पुनीहि मा ॥
शरीर, मन, बुद्धि, दिशाओं और अंतरिक्ष सहित सम्पूर्ण पर्यावरण का आत्यन्तिक शुद्धिकरण एवं पाप-मुक्ति।
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यह मंत्र क्यों?
शरीर, मन, बुद्धि, दिशाओं और अंतरिक्ष सहित सम्पूर्ण पर्यावरण का आत्यन्तिक शुद्धिकरण एवं पाप-मुक्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
शरीर, मन, बुद्धि, दिशाओं और अंतरिक्ष सहित सम्पूर्ण पर्यावरण का आत्यन्तिक शुद्धिकरण एवं पाप-मुक्ति
जाप विधि
होम-अनुष्ठान, पवित्रीकरण संस्कार अथवा तीर्थ-स्नान और जल-मार्जन करते समय उद्गाता द्वारा उच्च स्वर में गान।
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jap mantraॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
gyan mantraइदं मे ब्रह्म च क्षत्रं चोभे श्रियमश्नुताम् । मयि देवा दधतु श्रियमुत्तमां तस्यै ते स्वाहा ॥
stotra mantraदुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयुथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः।। 7
mool mantraॐ वामनाय नमः
tantrik mantraॐ ह्रीं ऐं मातंग्यै नमः