स्वर्णाकर्षण भैरव तांत्रिक तांत्रिक मंत्र
ॐ नमो भगवते स्वर्णाकर्षण भैरवाय धन धान्य वृद्धिकराय शीघ्रं वश्यं कुरु कुरु स्वाहा
घोर दरिद्रता का निवारण, अपार धन-संपत्ति (स्वर्ण) की प्राप्ति, कुबेर के समान ऐश्वर्य और कर्जों से तुरंत मुक्ति 53।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
घोर दरिद्रता का निवारण, अपार धन-संपत्ति (स्वर्ण) की प्राप्ति, कुबेर के समान ऐश्वर्य और कर्जों से तुरंत मुक्ति 53।
इस मंत्र से क्या होगा?
घोर दरिद्रता का निवारण, अपार धन-संपत्ति (स्वर्ण) की प्राप्ति, कुबेर के समान ऐश्वर्य और कर्जों से तुरंत मुक्ति
जाप विधि
मंगलवार, शुक्रवार, अष्टमी या पूर्णिमा के दिन विशेष पूजा करें। शिवलिंग पर अभिषेक और दीप दान के साथ इस मंत्र का जप करें। यह साधना कमला महाविद्या के नारायण भैरव स्वरूप से संबंधित है 52।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
vaidik mantraॐ मेधां म इन्द्रो दधातु मेधां देवी सरस्वती । मेधां मे अश्विनावुभावाधत्तां पुष्करस्रजौ ॥
stotra mantra॥ दोहा ॥ लाल देह लाली लसे, अरू धरि लाल लंगूर । बज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर ॥ 40
navgrah mantraॐ सों सोमाय नमः
bhakti mantraराम राम रामेति रमे रामे मनोरमे
shanti mantraॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः । वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥