चंद्र नवग्रह मंत्र
ॐ सों सोमाय नमः
सामान्य चंद्र दोष की शांति, माता से संबंधों में सुधार, कफ विकार शमन और त्वरित मानसिक शीतलता की प्राप्ति हेतु। 7
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
सामान्य चंद्र दोष की शांति, माता से संबंधों में सुधार, कफ विकार शमन और त्वरित मानसिक शीतलता की प्राप्ति हेतु। 7
इस मंत्र से क्या होगा?
सामान्य चंद्र दोष की शांति, माता से संबंधों में सुधार, कफ विकार शमन और त्वरित मानसिक शीतलता की प्राप्ति हेतु
जाप विधि
सायं काल में शिव मंदिर में या घर के एकांत स्थान पर ग्यारह हजार बार जप पूर्ण करें। नित्य १०८ बार मोती की माला से भी जपा जा सकता है। 7
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः (सामान्य मूल: ॐ चंद्राय नमः)
kavach mantraस्कन्धौ पातु गजस्कन्धः स्तनौ विघ्नविनाशनः । हृदयं गणनाथस्तु हेरम्बो जठरं महान् ॥ धराधरः पातु पार्श्वौ पृष्ठं विघ्नहरः शुभः । लिङ्गं गुह्यं सदा पातु वक्रतुण्डो महाबलः ॥ गणक्रीडो जानुजङ्घे ऊरू मङ्गलमूर्तिमान् । एकदन्तो महाबुद्धिः पादौ गुल्फौ सदाऽवतु ॥ क्षिप्रप्रसादनो बाहू पाणी आशाप्रपूरकः । अङ्गुलीश्च नखान्पातु पद्महस्तोऽरिनाशनः ॥ सर्वाङ्गानि मयूरेशो विश्वव्यापी सदाऽवतु । अनुक्तमपि यत्स्थानं धूम्रकेतुः सदाऽवतु ॥ आमोदस्त्वग्रतः पातु प्रमोदः पृष्ठतोऽवतु । प्राच्यां रक्षतु बुद्धीश आग्नेय्यां सिद्धिदायकः ॥ दक्षिणस्यामुमापुत्रो नैऋत्यां तु गणेश्वरः । प्रतीच्यां विघ्नहर्ताऽव्याद्वायव्यां गजकर्णकः ॥ कौबेर्यां निधिपः पायादीशान्यामीशनन्दनः । दिवाऽव्यादेकदन्तस्तु रात्रौ सन्ध्यासु विघ्नहृत् ॥ 14
siddh mantraॐ श्लीं पशु हुं फट्
ugra mantraॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं असितांग भैरवाय, सर्व शाप विमोचनाय, मम कार्यं कुरु कुरु स्वाहा
bhakti mantraश्री राम जय राम कोदण्ड राम
gyan mantraॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु । सह वीर्यं करवावहै । तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै । ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥