नवग्रह (शनि) नाम मंत्र
शनिश्चर
लंबी आयु, असाध्य रोगों से बचाव, वात रोग का नाश एवं अदालतों में न्याय की प्राप्ति।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
लंबी आयु, असाध्य रोगों से बचाव, वात रोग का नाश एवं अदालतों में न्याय की प्राप्ति।
इस मंत्र से क्या होगा?
लंबी आयु, असाध्य रोगों से बचाव, वात रोग का नाश एवं अदालतों में न्याय की प्राप्ति
जाप विधि
नीलम या रुद्राक्ष की माला पर संध्याकाल (गोधूलि) में धीमी गति से जप।
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ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवागँसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायूः । स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः । स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्षर्यो अरिष्टनेमिः । स्वस्ति नो वृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
kaamya mantraश्रीं क्लीं श्रीं॥
beej mantraधां
navgrah mantraॐ इमं देवा असपत्नं सुवध्यं महते क्षत्राय महते ज्यैष्ठ्याय महते जानराज्यायेन्द्रस्येन्द्रियाय। इमममुष्य पुत्रममुष्यै पुत्रमस्यै विश एष वोऽमी राजा सोमोऽस्माकं ब्राह्मणानां राजा।।
stotra mantraकाज किये बड़ देवन के तुम, वीर महाप्रभु देखि बिचारो । कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसों नहिं जात है टारो ॥ बेगि हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होय हमारो । को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ॥ 40
dhyan mantraवसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्। देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्॥