माता दुर्गा / दुर्गा सप्तशती (सिद्ध सम्पुट स्तोत्र) स्तोत्र मंत्र
सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 24
परम शक्ति की प्राप्ति और आंतरिक ऊर्जा का जागरण 24।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
परम शक्ति की प्राप्ति और आंतरिक ऊर्जा का जागरण 24।
इस मंत्र से क्या होगा?
परम शक्ति की प्राप्ति और आंतरिक ऊर्जा का जागरण
जाप विधि
संपूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ के अंतर्गत ज्ञानी गुरु के मार्गदर्शन में सम्पुट लगाकर जप करें 24।
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ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
siddh mantraॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा ॥
gyan mantraज्ञानम् आनंद मयं देवं निर्मल स्पटिकाकृतिम् । आधारं सर्व विद्यानां हयग्रीवं उपास्मे ॥
navgrah mantraॐ कया नश्चित्र आ भुवदूती सदावृध: सखा। कया शचिष्ठया वृता।।
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sabar mantraओम नमो आदेश गुरु जी को आदेश पहला गण गणपति 14 विद्या सारथी जति सती कैलाशपति बल भीम मारुती आले विघ्न निवारी साईं गोरखनाथ की दुआही गुरु की शक्ति मेरी भक्ति चले मंत्र ईश्वरी वाचा पिंड कच्चा गुरु गोरखनाथ का शब्द सच्चा 24