माता लक्ष्मी / कनकधारा स्तोत्र (शंकराचार्य कृत) स्तोत्र मंत्र
कमले कमलाक्ष वल्लभे त्वं करुणा पूर तरङ्गितैरपाङ्गैः । अवलोकय मामकिञ्चनानां प्रथमं पात्रमकृत्रिमं दयायाः ॥ 26
स्वर्ण के समान समृद्धि व धन का प्रवाह, आर्थिक संकट का निवारण तथा आत्मिक व मानसिक शांति 25।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
स्वर्ण के समान समृद्धि व धन का प्रवाह, आर्थिक संकट का निवारण तथा आत्मिक व मानसिक शांति 25।
इस मंत्र से क्या होगा?
स्वर्ण के समान समृद्धि व धन का प्रवाह, आर्थिक संकट का निवारण तथा आत्मिक व मानसिक शांति
जाप विधि
माता लक्ष्मी की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर 5 या 11 बार पाठ करें। शुक्रवार की रात 9 से 11 बजे के मध्य किया गया पाठ विशेष फलदायी होता है 25।
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