मंगल नवग्रह मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥
साहस, पराक्रम और आत्मबल में त्वरित वृद्धि, असाध्य ऋण से शीघ्र मुक्ति, रक्तचाप (Blood pressure) के संतुलन और मंगल की मारक अंतर्दशा में अकाल मृत्यु के भय से प्राण रक्षा हेतु यह तांत्रिक बीज मंत्र अत्यंत
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
साहस, पराक्रम और आत्मबल में त्वरित वृद्धि, असाध्य ऋण से शीघ्र मुक्ति, रक्तचाप (Blood pressure) के संतुलन और मंगल की मारक अंतर्दशा में अकाल मृत्यु के भय से प्राण रक्षा हेतु यह तांत्रिक बीज मंत्र अत्यंत प्रभावी है। 4
इस मंत्र से क्या होगा?
साहस, पराक्रम और आत्मबल में त्वरित वृद्धि, असाध्य ऋण से शीघ्र मुक्ति, रक्तचाप (Blood pressure) के संतुलन और मंगल की मारक अंतर्दशा में अकाल मृत्यु के भय से प्राण रक्षा हेतु यह तांत्रिक बीज मंत्र अत्यंत प्रभावी है
जाप विधि
मंगलवार प्रातः या दोपहर में लाल वस्त्र धारण कर दक्षिण मुख होकर दस हजार बार चालीस दिनों में जप पूर्ण करें। पूजा में लाल पुष्प और गुड़ का नैवेद्य अर्पित करना चाहिए। 1
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beej mantraप्रौं
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ugra mantraह्रीं क्षं भक्ष ज्वाला जिह्वे कराल दंष्ट्रे प्रत्यंगिरे क्षं ह्रीं हूं फट्
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