मंगल नवग्रह मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥
साहस, पराक्रम और आत्मबल में त्वरित वृद्धि, असाध्य ऋण से शीघ्र मुक्ति, रक्तचाप (Blood pressure) के संतुलन और मंगल की मारक अंतर्दशा में अकाल मृत्यु के भय से प्राण रक्षा हेतु यह तांत्रिक बीज मंत्र अत्यंत
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
साहस, पराक्रम और आत्मबल में त्वरित वृद्धि, असाध्य ऋण से शीघ्र मुक्ति, रक्तचाप (Blood pressure) के संतुलन और मंगल की मारक अंतर्दशा में अकाल मृत्यु के भय से प्राण रक्षा हेतु यह तांत्रिक बीज मंत्र अत्यंत प्रभावी है। 4
इस मंत्र से क्या होगा?
साहस, पराक्रम और आत्मबल में त्वरित वृद्धि, असाध्य ऋण से शीघ्र मुक्ति, रक्तचाप (Blood pressure) के संतुलन और मंगल की मारक अंतर्दशा में अकाल मृत्यु के भय से प्राण रक्षा हेतु यह तांत्रिक बीज मंत्र अत्यंत प्रभावी है
जाप विधि
मंगलवार प्रातः या दोपहर में लाल वस्त्र धारण कर दक्षिण मुख होकर दस हजार बार चालीस दिनों में जप पूर्ण करें। पूजा में लाल पुष्प और गुड़ का नैवेद्य अर्पित करना चाहिए। 1
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
पातु श्रवणे वासरेश्वर घ्राणं धर्म पातु पदन वेदवाहन जीवा मानद पातु कंठ में सुरवंदित स्कंद प्रभाकर पातु वक्ष पातु जन प्रिय पातु पाद द्वादशात्मा सर्व सर्वांग सकलेश्वर यक्ष गन्धर्व राक्षसाः ब्रह्मराक्षस वेतालाः क्षमा दूरा देव पलायंते तस्य संकीर्तना अज्ञात कवच दिव्य यो जपे सूर्य मंत्रम् सिद्धि जायते तस्य कल्पकोटि शतैरपि। इति श्री ब्रह्मयामले त्रैलोक्य मंगलम नाम सूर्य कवचम संपूर्णम। 15
stotra mantraअजः सर्वेश्वरः सिद्धः सिद्धिः सर्वादिरच्युतः। वृषाकपिरमेयात्मा सर्वयोगविनिःसृतः॥ 12
mool mantraॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मये नमः
beej mantraऐं
shanti mantraॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवागँसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायूः । स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः । स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः । स्वस्ति नस्ताक्षर्यो अरिष्टनेमिः । स्वस्ति नो वृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
jap mantraॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्वादिनी सरस्वती देवी मम जिव्हायां सर्वविद्यां देहि दापय स्वाहा