मंगल नवग्रह मंत्र
ॐ लोहिताक्षाय विद्महे भूलाभाय धीमहि तन्नोऽङ्गारकः प्रचोदयात्।
भूमि, भवन और रियल एस्टेट से संबंधित कार्यों में असीम लाभ, तथा रुकी हुई पैतृक संपत्ति की प्राप्ति हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भूमि, भवन और रियल एस्टेट से संबंधित कार्यों में असीम लाभ, तथा रुकी हुई पैतृक संपत्ति की प्राप्ति हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
भूमि, भवन और रियल एस्टेट से संबंधित कार्यों में असीम लाभ, तथा रुकी हुई पैतृक संपत्ति की प्राप्ति हेतु
जाप विधि
नित्य मंगल की होरा में एक सौ आठ बार मूंगा माला से जप। 16
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ॐ ह्रीं मैं भीमाय नमः
tantrik mantraॐ नाशय नाशय सर्व दुष्टं नाशय फट् स्वाहा अरुण वरुण माला लंकृता शंकराग्रे विद्रुत परसु शक्तिम पुष्प बाणुचापंम विविध फण फणंद्र भूषण भूषितंग शरबिलनाथं नौम्य सालुवे
sabar mantraमाई नथिया पांचो बावरी पीर गोगा जहार वर तेरे साथ चले चलो इस्माइल जोगी चलो मेरे शब्द पर चलो सत्य पर धर्म पर चलो ना चलो तो आदि शक्ति कामाख्या की आन माता सहजा योगिन की आन शिवशंकर की आन शब्द साचा पेंड काचा देखो इस्माल जोगी तेरे शब्द का तमाशा सत्य का नाम आदेश आदेश आदेश 14
kavach mantraनासिकां पातु मे लक्ष्मीः कमला पातु लोचनम् ॥ ॐ श्रीं पद्मालयायै स्वाहा वक्षः सदावतु ॥ पातु श्रीर्मम कंकालं बाहुयुग्मं च ते नमः ॥ ओम ह्रीम श्रीम लक्ष्मी नमः चिरकाल तक मेरे पैरों का पालन करें ओम ह्रीम श्रीम नमः पद्माए स्वाहा नितम भाग की रक्षा करें ओम श्रीम महालक्ष्मी स्वाहा मेरे सर्वांग की सदा रक्षा करें ओम ह्रीम श्रीम क्लीम महालक्ष्मी स्वाहा आद्या शक्ति महालक्ष्मी भक्तानुग्रहकारिणी धारके पाठके चैव निश्चला निवसे ध्रुवं तंत्रोक्तम लक्ष्मी कवच संपूर्ण ओम 31
bhakti mantraजय जगन्नाथ
gyan mantraॐ अक्षरेस्वराय विद्महे मन्त्रराजाय धीमहि तन्नो हयग्रीवः प्रचोदयात् ॥