मंगल नवग्रह मंत्र
ॐ लोहिताक्षाय विद्महे भूलाभाय धीमहि तन्नोऽङ्गारकः प्रचोदयात्।
भूमि, भवन और रियल एस्टेट से संबंधित कार्यों में असीम लाभ, तथा रुकी हुई पैतृक संपत्ति की प्राप्ति हेतु। 16
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भूमि, भवन और रियल एस्टेट से संबंधित कार्यों में असीम लाभ, तथा रुकी हुई पैतृक संपत्ति की प्राप्ति हेतु। 16
इस मंत्र से क्या होगा?
भूमि, भवन और रियल एस्टेट से संबंधित कार्यों में असीम लाभ, तथा रुकी हुई पैतृक संपत्ति की प्राप्ति हेतु
जाप विधि
नित्य मंगल की होरा में एक सौ आठ बार मूंगा माला से जप। 16
विशेष टिप्पणियाँ
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महो अर्णः सरस्वती प्रचेयति केतुना । धियो विश्वा विराजति ॥
jap mantraॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः
vaidik mantraॐ प्रेष्ठं वो अतिथिं स्तुषे मित्रमिव प्रियम् । अग्ने रथं न वेद्यम् ॥
tantrik mantraॐ नमो महा पाशुपतास्त्राय स्मरण मात्रेण प्रकटय प्रकटय शीघ्रं आगच्छ आगच्छ मम सर्व शत्रु सैन्यं विध्वंसय विध्वंसय मारय मारय हुं फट्
mool mantraॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः (सामान्य मूल: ॐ भौमाय नमः)
stotra mantraनमः समस्तभूतानामादिभूताय भूभृते । अनेकरुपरुपाय विष्णवे प्रभविष्णवे ॥ 2