श्री राम एवं हनुमान भक्ति मंत्र
जय सीता राम जय जय हनुमान
श्री राम की कृपा के साथ-साथ हनुमान जी की असीम शक्ति और सुरक्षा प्राप्त करना, तथा मन में सेवा और समर्पण का भाव (हनुमान-भाव) जागृत करना 46।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
श्री राम की कृपा के साथ-साथ हनुमान जी की असीम शक्ति और सुरक्षा प्राप्त करना, तथा मन में सेवा और समर्पण का भाव (हनुमान-भाव) जागृत करना 46।
इस मंत्र से क्या होगा?
श्री राम की कृपा के साथ-साथ हनुमान जी की असीम शक्ति और सुरक्षा प्राप्त करना, तथा मन में सेवा और समर्पण का भाव (हनुमान-भाव) जागृत करना
जाप विधि
यह संयुक्त नाम-मंत्र है जिसे विशेषकर मंगलवार या शनिवार को तुलसी अथवा रुद्राक्ष की माला पर जपा जाता है 46। इसमें राम के प्रति हनुमान जी के दास्य भाव का स्मरण किया जाता है।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
जामदग्न्य
siddh mantraॐ ऐं क्लीं शीघ्र कार्य सिद्धय फट्
vaidik mantraॐ ऋतञ्च सत्यं चाभीद्धात्तपसोऽध्यजायत । ततो रात्र्यजायत ततः समुद्रो अर्णवः ॥
gyan mantraॐ श्रीं ह्लौं ॐ नमो भगवते हयग्रीवाय विष्णवे मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा ॥
sabar mantraकाल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11
tantrik mantraॐ नमो भगवते स्वर्णाकर्षण भैरवाय धन धान्य वृद्धिकराय शीघ्रं वश्यं कुरु कुरु स्वाहा