श्री राम एवं हनुमान भक्ति मंत्र
जय सीता राम जय जय हनुमान
श्री राम की कृपा के साथ-साथ हनुमान जी की असीम शक्ति और सुरक्षा प्राप्त करना, तथा मन में सेवा और समर्पण का भाव (हनुमान-भाव) जागृत करना 46।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
श्री राम की कृपा के साथ-साथ हनुमान जी की असीम शक्ति और सुरक्षा प्राप्त करना, तथा मन में सेवा और समर्पण का भाव (हनुमान-भाव) जागृत करना 46।
इस मंत्र से क्या होगा?
श्री राम की कृपा के साथ-साथ हनुमान जी की असीम शक्ति और सुरक्षा प्राप्त करना, तथा मन में सेवा और समर्पण का भाव (हनुमान-भाव) जागृत करना
जाप विधि
यह संयुक्त नाम-मंत्र है जिसे विशेषकर मंगलवार या शनिवार को तुलसी अथवा रुद्राक्ष की माला पर जपा जाता है 46। इसमें राम के प्रति हनुमान जी के दास्य भाव का स्मरण किया जाता है।
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