माता महालक्ष्मी भक्ति मंत्र
ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः
भगवान नारायण एवं माता लक्ष्मी के प्रति अनन्य भक्ति और सेवा भाव की जागृति 53। इसके अतिरिक्त, यह दरिद्रता और मानसिक संकीर्णता का नाश कर जीवन में अपार शांति, समृद्धि और ईश्वरीय कृपा आकर्षित करता है 53।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भगवान नारायण एवं माता लक्ष्मी के प्रति अनन्य भक्ति और सेवा भाव की जागृति 53। इसके अतिरिक्त, यह दरिद्रता और मानसिक संकीर्णता का नाश कर जीवन में अपार शांति, समृद्धि और ईश्वरीय कृपा आकर्षित करता है 53।
इस मंत्र से क्या होगा?
भगवान नारायण एवं माता लक्ष्मी के प्रति अनन्य भक्ति और सेवा भाव की जागृति 53
इसके अतिरिक्त, यह दरिद्रता और मानसिक संकीर्णता का नाश कर जीवन में अपार शांति, समृद्धि और ईश्वरीय कृपा आकर्षित करता है
जाप विधि
इस मंत्र का जप कमलगट्टे या स्फटिक की १०८ मनकों वाली माला से करना सर्वाधिक फलदायी माना गया है 45। प्रातः काल स्नानादि से निवृत्त होकर, स्वच्छ श्वेत या गुलाबी वस्त्र धारण कर, माता लक्ष्मी की प्रतिमा के सम्मुख दीपक प्रज्वलित कर पूर्ण एकाग्रता से इसका जप करें 53।
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