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उद्देश्य अनुसार मंत्र
माता भगवती (सर्व-स्वरूपिणी)

माता भगवती (सर्व-स्वरूपिणी) भक्ति मंत्र

सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते

इस मंत्र के जप से जीवन से सभी नकारात्मक ऊर्जाएं समाप्त होती हैं, संपूर्ण ईश्वरीय सुरक्षा प्राप्त होती है, कार्यों में सिद्धि मिलती है, और माता भगवती के प्रति अगाध प्रेम व भक्ति की प्राप्ति होती है 41।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारभक्ति मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

इस मंत्र के जप से जीवन से सभी नकारात्मक ऊर्जाएं समाप्त होती हैं, संपूर्ण ईश्वरीय सुरक्षा प्राप्त होती है, कार्यों में सिद्धि मिलती है, और माता भगवती के प्रति अगाध प्रेम व भक्ति की प्राप्ति होती है 41।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

इस मंत्र के जप से जीवन से सभी नकारात्मक ऊर्जाएं समाप्त होती हैं, संपूर्ण ईश्वरीय सुरक्षा प्राप्त होती है, कार्यों में सिद्धि मिलती है, और माता भगवती के प्रति अगाध प्रेम व भक्ति की प्राप्ति होती है

जाप विधि

दुर्गा सप्तशती से उद्धृत इस अत्यंत प्रभावशाली श्लोक-मंत्र का जप प्रतिदिन प्रातः काल स्नानादि के पश्चात लाल आसन पर बैठकर स्फटिक या लाल चंदन की माला पर किया जाता है 48। जप के समय माता के सर्व-कल्याणकारी और मंगलकारी स्वरूप का ध्यान करते हुए पूर्ण समर्पण भाव रखना चाहिए 53।

विशेष टिप्पणियाँ

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