बटुक भैरव जप मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा
आकस्मिक व जीवनघाती विपत्तियों (आपदाओं) से तत्काल रक्षा, शत्रु शमन और निर्भीकता की प्राप्ति। 69
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
आकस्मिक व जीवनघाती विपत्तियों (आपदाओं) से तत्काल रक्षा, शत्रु शमन और निर्भीकता की प्राप्ति। 69
इस मंत्र से क्या होगा?
आकस्मिक व जीवनघाती विपत्तियों (आपदाओं) से तत्काल रक्षा, शत्रु शमन और निर्भीकता की प्राप्ति
जाप विधि
२१ या ४० दिन की साधना, रुद्राक्ष या हकीक माला, रात्रि ९ से १२ बजे के मध्य। 69
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ श्रीं ह्लौं ॐ नमो भगवते हयग्रीवाय विष्णवे मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा ॥
sabar mantraओम नमो आदेश गुरु जी को आदेश पहला गण गणपति 14 विद्या सारथी जति सती कैलाशपति बल भीम मारुती आले विघ्न निवारी साईं गोरखनाथ की दुआही गुरु की शक्ति मेरी भक्ति चले मंत्र ईश्वरी वाचा पिंड कच्चा गुरु गोरखनाथ का शब्द सच्चा 24
vaidik mantraॐ परोऽपेहि मनस्पाप किमशस्तानि शंससि । परेहि न त्वा कामये वृक्षान् वनानि सं चर गृहेषु गोषु मे मनः ॥
navgrah mantraॐ गजध्वजाय विद्महे शुकहस्ताय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात्।
mool mantraॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः (सामान्य मूल: ॐ केतवे नमः)
bhakti mantraॐ नमो भगवते वासुदेवाय