भगवान विष्णु (अष्टाक्षरी) जप मंत्र
ॐ नमो नारायणाय
भौतिक एवं सांसारिक बंधनों से मुक्ति, वैकुण्ठ पद की प्राप्ति और दरिद्रता तथा मृत्यु भय का नाश। 2
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भौतिक एवं सांसारिक बंधनों से मुक्ति, वैकुण्ठ पद की प्राप्ति और दरिद्रता तथा मृत्यु भय का नाश। 2
इस मंत्र से क्या होगा?
भौतिक एवं सांसारिक बंधनों से मुक्ति, वैकुण्ठ पद की प्राप्ति और दरिद्रता तथा मृत्यु भय का नाश
जाप विधि
१०८ बार या निरंतर जप, तुलसी अथवा वैजयंती की माला, पीत वस्त्र धारण कर। 2
विशेष टिप्पणियाँ
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सृष्टिस्थितिविनाशानां शक्तिभूते सनातनि। गुणाश्रये गुणमये नारायणि नमोऽस्तु ते॥
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vaidik mantraॐ समानी व आकूतिः समाना हृदयानि वः । समानमस्तु वो मनो यथा वः सुसहासति ॥
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dhyan mantraकस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्षःस्थले कौस्तुभं नासाग्रे नवमौक्तिकं करतले वेणुं करे कङ्कणम्। सर्वाङ्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलिं गोपस्त्रीपरिवेष्टितो विजयते गोपालचूडामणिः॥
beej mantraबं, भं, मं, यं, लं, रं