भगवान विष्णु (अष्टाक्षरी) जप मंत्र
ॐ नमो नारायणाय
भौतिक एवं सांसारिक बंधनों से मुक्ति, वैकुण्ठ पद की प्राप्ति और दरिद्रता तथा मृत्यु भय का नाश। 2
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
भौतिक एवं सांसारिक बंधनों से मुक्ति, वैकुण्ठ पद की प्राप्ति और दरिद्रता तथा मृत्यु भय का नाश। 2
इस मंत्र से क्या होगा?
भौतिक एवं सांसारिक बंधनों से मुक्ति, वैकुण्ठ पद की प्राप्ति और दरिद्रता तथा मृत्यु भय का नाश
जाप विधि
१०८ बार या निरंतर जप, तुलसी अथवा वैजयंती की माला, पीत वस्त्र धारण कर। 2
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः
ugra mantraओउम कालभैरवरूपाय त्रिनेत्राय महात्मने। प्रेतासनस्थितायैव खडगडमरूधारिणे।। जटाजूटधारी कराल वदनाय च। नमो नमः सदानंद भक्तवत्सल शम्भवे।। ओउम भं भैरवाय भीषणाय नखदंष्ट्राय विकर्तनाय। ताण्डवेशाय रक्तनेत्राय रक्षकाय शत्रुनाशकाय स्वाहा
stotra mantraसर्वापद्भ्यो हरेर्नामरूपयानायुधानि नः। बुद्धिन्द्रियमनः प्राणान् पान्तु पार्षदभूषणाः।। 7
vaidik mantraॐ यत्प्रज्ञानमुत चेतो धृतिश्च यज्ज्योतिरन्तरमृतं प्रजासु । यस्मान्न ऋते किंचन कर्म क्रियते तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।
shanti mantraॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
naam mantraशुक्र