भगवान विष्णु (द्वादशाक्षरी) जप मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
मोक्ष प्राप्ति, महापापों का नाश, करुणा का जागरण और परम पद की प्राप्ति। 2
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मोक्ष प्राप्ति, महापापों का नाश, करुणा का जागरण और परम पद की प्राप्ति। 2
इस मंत्र से क्या होगा?
मोक्ष प्राप्ति, महापापों का नाश, करुणा का जागरण और परम पद की प्राप्ति
जाप विधि
१०८ बार, चलते-फिरते मानसिक जप का भी विधान, तुलसी की माला। 2
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ऐं
ugra mantraॐ ऐं ह्रीं क्लीं प्रत्यंगिरे सर्वदुष्टान प्राचं छिन्धि छिन्धि
dhyan mantraविशोका वा ज्योतिष्मती
stotra mantraरक्षत्वसौ माध्वनि यज्ञकल्पः स्वदंष्ट्रयोन्नीतधरो वराहः। रामोऽद्रिकूटेष्वथ विप्रवासे सलक्ष्मणोsव्याद् भरताग्रजोsस्मान्।। 7
shanti mantraॐ आप्यायन्तु ममाङ्गानि वाक्प्राणश्चक्षुः श्रोत्रमथो बलमिन्द्रियाणि च सर्वाणि । सर्वं ब्रह्मोपनिषदं माहं ब्रह्म निराकुर्यां मा मा ब्रह्म निराकरोदनिराकरणमस्त्वनिराकरणं मे अस्तु । तदात्मनि निरते य उपनिषत्सु धर्मास्ते मयि सन्तु ते मयि सन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
vaidik mantraॐ सुषारथिरश्वानिव यन्मनुष्यान्नेनीयतेऽभीशुभिर्वाजिन इव । हृत्प्रतिष्ठं यदजिरं जविष्ठं तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।