भगवान विष्णु (द्वादशाक्षरी) जप मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
मोक्ष प्राप्ति, महापापों का नाश, करुणा का जागरण और परम पद की प्राप्ति। 2
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
मोक्ष प्राप्ति, महापापों का नाश, करुणा का जागरण और परम पद की प्राप्ति। 2
इस मंत्र से क्या होगा?
मोक्ष प्राप्ति, महापापों का नाश, करुणा का जागरण और परम पद की प्राप्ति
जाप विधि
१०८ बार, चलते-फिरते मानसिक जप का भी विधान, तुलसी की माला। 2
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ जटाजूटसमायुक्तमर्धेन्दुकृतलक्षणम्। लोचनत्रयसंयुक्तं पातु मां सर्वतोमुखीम्॥
vaidik mantraॐ सत्यं बृहदृतमुग्रं दीक्षा तपो ब्रह्म यज्ञः पृथिवीं धारयन्ति । सा नो भूतस्य भव्यस्य पत्न्युरुं लोकं पृथिवी नः कृणोतु ॥
stotra mantraसशङ्खचक्रं सकिरीटकुण्डलं सपीतवस्त्रं सरसीरुहेक्षणम् । सहारवक्षःस्थलशोभिकौस्तुभं नमामि विष्णुं शिरसा चतुर्भुजम् ॥ 12
navgrah mantraॐ प्र वः शुक्राय भानवे भरध्वं हव्यं मतिं चाग्नये सुपूतम्। यो दैव्यानि मानुषा जनूंष्यन्तर्विश्वानि विद्मना जिगाति।।
bhakti mantraनीलांचल निवासाय नित्याय परमात्मने। बलभद्र सुभद्राभ्यां जगन्नाथाय ते नमः
shanti mantraॐ स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः । गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥