भगवान नरसिंह जप मंत्र
ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्। नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्यु मृत्युं नमाम्यहम्॥
घोर शत्रु बाधा निवारण, अकाल मृत्यु भय नाश, और भूत-प्रेत तथा तांत्रिक आघातों से त्वरित रक्षा। 73
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
घोर शत्रु बाधा निवारण, अकाल मृत्यु भय नाश, और भूत-प्रेत तथा तांत्रिक आघातों से त्वरित रक्षा। 73
इस मंत्र से क्या होगा?
घोर शत्रु बाधा निवारण, अकाल मृत्यु भय नाश, और भूत-प्रेत तथा तांत्रिक आघातों से त्वरित रक्षा
जाप विधि
१०८ बार, रुद्राक्ष या तुलसी माला, गोधूलि वेला में लाल या पीत वस्त्र धारण कर। गुरु दीक्षा अनुशंसित। 26
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मेधां मे वरुणो ददातु मेधामग्निः प्रजापतिः । मेधामिन्द्रश्च वायुश्च मेधां धाता ददातु मे स्वाहा ॥
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sabar mantraगुरु गोरखनाथ की दुहाई। रोग भागे, ज्वर सिधाए। शब्द सांचा, पीर मेरा पावना 13
beej mantraह्रौं