भगवान नरसिंह (शाबर) जप मंत्र
ॐ उलटत नरसिंह पलटत काया एहिले नरसिंह तोहे बुलाया जो मोर नाम करत सो मरत परत भैरव चक्कर में उल्टी वेद उसी को लागे कार दुहाई बड़े वीर नरसिंह की दुहाई कामरो कामाख्या देवी की दुहाई अष्टभुज देवी कालिका की दुहाई शिव सतगुरु के बंदे पायो
मारण-मोहन, व्यापारिक बंधन, शारीरिक बाधाओं और हठी तंत्र-मंत्र का समूल नाश (उलटवार)। 75
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
मारण-मोहन, व्यापारिक बंधन, शारीरिक बाधाओं और हठी तंत्र-मंत्र का समूल नाश (उलटवार)। 75
इस मंत्र से क्या होगा?
मारण-मोहन, व्यापारिक बंधन, शारीरिक बाधाओं और हठी तंत्र-मंत्र का समूल नाश (उलटवार)
जाप विधि
11 बार पाठन करते हुए नींबू से उतारा, या 11 माला अनुष्ठान कच्चे सूत के साथ। 74
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ हस्ति पिशाचि लिखे स्वाहा अस्त्राय फट्
siddh mantraॐ श्रीं ह्रीं क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजन वल्लभाय पराय परमपुरुषाय परात्मने परकर्म मन्त्र यन्त्र तन्त्र औषध विष आभिचार अस्त्र शस्त्र संहर संहर मृत्युर् मोचय मोचय । ॐ नमो भगवते महा सुदर्शनाय । ॐ प्रीं रीं रुँ दीप्त्रेय ज्वलापरीताय सर्वदिग्क्षोभनकाराय कारय हुं फट् परब्रह्मणे परमज्योतिषे स्वाहा ।
mool mantraश्री राम जय राम जय जय राम
stotra mantraयस्मिन्निदं यतश्चेदं येनेदं य इदं स्वयं । योस्मात्परस्माच्च परस्तं प्रपद्ये स्वयम्भुवम ॥ 4
gyan mantraआ मां मेधा सुरभिर्विश्वरुपा हिरण्यवर्णा जगती जगम्या । ऊर्जस्वती पयसा पिन्वमाना सा मां मेधा सुप्रतीका जुषन्ताम् ॥
vaidik mantraॐ यस्मिन्नृचः साम यजूंषि यस्मिन् प्रतिष्ठिता रथनाभाविवाराः । यस्मिंश्चित्तं सर्वमोतं प्रजानां तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।