केतु देव जप मंत्र
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
वैराग्य एवं मोक्ष की प्राप्ति, गूढ़ व रहस्यमयी विद्याओं का ज्ञान और असाध्य चर्म रोगों से मुक्ति। 27
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
वैराग्य एवं मोक्ष की प्राप्ति, गूढ़ व रहस्यमयी विद्याओं का ज्ञान और असाध्य चर्म रोगों से मुक्ति। 27
इस मंत्र से क्या होगा?
वैराग्य एवं मोक्ष की प्राप्ति, गूढ़ व रहस्यमयी विद्याओं का ज्ञान और असाध्य चर्म रोगों से मुक्ति
जाप विधि
१७००० जप संख्या (४० दिन में), रुद्राक्ष माला, शुक्ल पक्ष के मंगलवार से आरंभ कर रात्रिकाल। (वैकल्पिक: ॐ कें केतवे नमः) 24
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