ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
केतु देव

केतु देव जप मंत्र

ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः

वैराग्य एवं मोक्ष की प्राप्ति, गूढ़ व रहस्यमयी विद्याओं का ज्ञान और असाध्य चर्म रोगों से मुक्ति। 27

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

वैराग्य एवं मोक्ष की प्राप्ति, गूढ़ व रहस्यमयी विद्याओं का ज्ञान और असाध्य चर्म रोगों से मुक्ति। 27

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

वैराग्य एवं मोक्ष की प्राप्ति, गूढ़ व रहस्यमयी विद्याओं का ज्ञान और असाध्य चर्म रोगों से मुक्ति

जाप विधि

१७००० जप संख्या (४० दिन में), रुद्राक्ष माला, शुक्ल पक्ष के मंगलवार से आरंभ कर रात्रिकाल। (वैकल्पिक: ॐ कें केतवे नमः) 24

विशेष टिप्पणियाँ

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