त्रिपुर भैरवी महाविद्या सिद्ध मंत्र
ॐ ह्रीं भैरवी कलौं ह्रीं स्वाहा ॥
अज्ञानता के अंधकार और भय का संपूर्ण विनाश 34। यह मंत्र साधक के भीतर योद्धा के समान ऊर्जा (Warrior energy) भरता है 33। कुण्डलिनी शक्ति का जागरण, नकारात्मक ऊर्जा से पूर्ण सुरक्षा, और जीवन की समस्त जटिल
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यह मंत्र क्यों?
अज्ञानता के अंधकार और भय का संपूर्ण विनाश 34। यह मंत्र साधक के भीतर योद्धा के समान ऊर्जा (Warrior energy) भरता है 33। कुण्डलिनी शक्ति का जागरण, नकारात्मक ऊर्जा से पूर्ण सुरक्षा, और जीवन की समस्त जटिल बाधाओं को काटकर सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है 33।
इस मंत्र से क्या होगा?
अज्ञानता के अंधकार और भय का संपूर्ण विनाश 34
यह मंत्र साधक के भीतर योद्धा के समान ऊर्जा (Warrior energy) भरता है 33
कुण्डलिनी शक्ति का जागरण, नकारात्मक ऊर्जा से पूर्ण सुरक्षा, और जीवन की समस्त जटिल बाधाओं को काटकर सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है
जाप विधि
ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पूर्व) या गोधूलि वेला में इस मंत्र का १०८ बार जप किया जाता है 33। लाल वस्त्र, लाल आसन और लाल पुष्पों का उपयोग श्रेष्ठ है 34। देवी को १०,००० उगते सूर्यों के समान तेजस्विनी, खड्ग धारण किए हुए, और अभय एवं वरद मुद्रा में ध्यान किया जाता है 34।
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