ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
हनुमान शाबर (ब्रह्मा का ताला)

हनुमान शाबर (ब्रह्मा का ताला) सिद्ध मंत्र

ॐ नमः वज्र का कोठा । जिसमे पिण्ड हमारो पेठा । ईश्वर कुंजी । ब्रह्मा का ताला । मेरे आठो धाम का यति हनुमंत रखवाला ॥

अचूक आत्म-सुरक्षा 78। यह मंत्र साधक के चारों ओर वज्र का अभेद्य कवच बना देता है जो शत्रुओं, दुष्ट आत्माओं, और काले जादू से पूर्णतः सुरक्षित रखता है 78।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारसिद्ध मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

अचूक आत्म-सुरक्षा 78। यह मंत्र साधक के चारों ओर वज्र का अभेद्य कवच बना देता है जो शत्रुओं, दुष्ट आत्माओं, और काले जादू से पूर्णतः सुरक्षित रखता है 78।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अचूक आत्म-सुरक्षा 78

02

यह मंत्र साधक के चारों ओर वज्र का अभेद्य कवच बना देता है जो शत्रुओं, दुष्ट आत्माओं, और काले जादू से पूर्णतः सुरक्षित रखता है

जाप विधि

शुक्ल पक्ष के मंगलवार को हनुमान जी की प्रतिमा के सामने बैठकर १००८ बार जप कर मंत्र को सिद्ध किया जाता है 78। सिद्धि उपरांत नित्य केवल ३ बार उच्चारण पर्याप्त है 78।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें

kavach mantra

सकलायुध सम्पूर्ण निखिलाङ्ग सुदर्शन यदम कवच दिव्यम परमानंद दायिनं सौदर्शन यो सदा शुद्ध पठे नरह तस्या सिद्धि विपुला करस्था भवति ध्रुवं कोष्माण्ड चण्ड भूता ये दुष्टा ग्रहा स्मृता पलायन्ते निशंभीता वर्मनोस्य प्रभावतः कुष्ठा पस्मा गुलमा व्याध कर्म हेतुका नश्य तन मंत्रिता भूपाना सप्त दिनावधी अनेन मन्त्रिता मृतानां तुलसी मूल संस्थितां ललाटे तिलकं कृत्वा मोहये त्रिजगन्नरः। 17

navgrah mantra

ॐ अश्वध्वजाय विद्महे धनुर्हस्ताय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात्।

bhakti mantra

ॐ श्री रामः शरणं मम

shanti mantra

ॐ स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः । गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

naam mantra

गोपाल

vaidik mantra

ॐ यस्मिन्नृचः साम यजूंषि यस्मिन् प्रतिष्ठिता रथनाभाविवाराः । यस्मिंश्चित्तं सर्वमोतं प्रजानां तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।