कमला महाविद्या (पूर्ण सिद्धि विधान) सिद्ध मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः
मानव शरीर के सात प्रमुख चक्रों (Chakras) का उद्घाटन 49। यह कमला महाविद्या की पूर्ण सिद्धि प्रदान करता है, जिससे साधक के भीतर और बाहर अपार ऐश्वर्य, परम सौंदर्य और समस्त लौकिक एवं अलौकिक इच्छाओं की तत्क
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
मानव शरीर के सात प्रमुख चक्रों (Chakras) का उद्घाटन 49। यह कमला महाविद्या की पूर्ण सिद्धि प्रदान करता है, जिससे साधक के भीतर और बाहर अपार ऐश्वर्य, परम सौंदर्य और समस्त लौकिक एवं अलौकिक इच्छाओं की तत्काल पूर्ति होती है 49।
इस मंत्र से क्या होगा?
मानव शरीर के सात प्रमुख चक्रों (Chakras) का उद्घाटन 49
यह कमला महाविद्या की पूर्ण सिद्धि प्रदान करता है, जिससे साधक के भीतर और बाहर अपार ऐश्वर्य, परम सौंदर्य और समस्त लौकिक एवं अलौकिक इच्छाओं की तत्काल पूर्ति होती है
जाप विधि
इस मंत्र की पूर्ण तांत्रिक सिद्धि हेतु सवा लाख (१,२५,०००) जप और विशिष्ट हवन सामग्री से १२,५०० आहुतियां दी जाती हैं 49। जप के लिए छह या सात मुखी रुद्राक्ष अथवा तुलसी की माला का उपयोग अनिवार्य है 49।
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
गुह
vaidik mantraॐ आप इद्वा उ भेषजीरापो अमीवचातनीः । आपः सर्वस्य भेषजीस्तास्ते कृण्वन्तु भेषजम् ॥
sabar mantraगुरु गोरखनाथ की दुहाई, फूल चढ़े तो वह मोहे। शब्द सांचा, पीर मेरा पावना 13
gyan mantraउद्गीथ प्रणवोद्गीत सर्व वागीश्वरेश्वर । सर्व वेदमया चिन्त्यः सर्वं बोधय बोधय ॥
kaamya mantraॐ पातु शिरसि नित्यं पातु ह्रीं कण्ठदेशके। नृसिंह पातु हृदये आपदुद्धारणाय च॥
bhakti mantraश्री गुरुदेव दत्त