ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
वाहन मंत्र (गणपति)

वाहन मंत्र (गणपति) सिद्ध मंत्र

ॐ मं मूषिकायै गणाधिपवाहनाय धर्मराजाय स्वाहा ।

यह साधना मुख्य रूप से यम (धर्मराज) और पूर्व जन्मों के घोर कर्म फलों को शांत करने के लिए है 53। यह पापों का शमन कर साधक के जीवन के भारी बोझ और दुखों को दूर करती है 53।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारसिद्ध मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

यह साधना मुख्य रूप से यम (धर्मराज) और पूर्व जन्मों के घोर कर्म फलों को शांत करने के लिए है 53। यह पापों का शमन कर साधक के जीवन के भारी बोझ और दुखों को दूर करती है 53।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

यह साधना मुख्य रूप से यम (धर्मराज) और पूर्व जन्मों के घोर कर्म फलों को शांत करने के लिए है 53

02

यह पापों का शमन कर साधक के जीवन के भारी बोझ और दुखों को दूर करती है

जाप विधि

साधक गणेश जी की मूर्ति को हाथों में लेकर शिवलिंग या मंदिर की कम से कम तीन बार परिक्रमा करता है और परिक्रमा के दौरान इस मंत्र का निरंतर उच्चारण करता है 53।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें