वाहन मंत्र (गणपति) सिद्ध मंत्र
ॐ मं मूषिकायै गणाधिपवाहनाय धर्मराजाय स्वाहा ।
यह साधना मुख्य रूप से यम (धर्मराज) और पूर्व जन्मों के घोर कर्म फलों को शांत करने के लिए है 53। यह पापों का शमन कर साधक के जीवन के भारी बोझ और दुखों को दूर करती है 53।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
यह साधना मुख्य रूप से यम (धर्मराज) और पूर्व जन्मों के घोर कर्म फलों को शांत करने के लिए है 53। यह पापों का शमन कर साधक के जीवन के भारी बोझ और दुखों को दूर करती है 53।
इस मंत्र से क्या होगा?
यह साधना मुख्य रूप से यम (धर्मराज) और पूर्व जन्मों के घोर कर्म फलों को शांत करने के लिए है 53
यह पापों का शमन कर साधक के जीवन के भारी बोझ और दुखों को दूर करती है
जाप विधि
साधक गणेश जी की मूर्ति को हाथों में लेकर शिवलिंग या मंदिर की कम से कम तीन बार परिक्रमा करता है और परिक्रमा के दौरान इस मंत्र का निरंतर उच्चारण करता है 53।
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