ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
श्मशान भैरवी

श्मशान भैरवी सिद्ध मंत्र

श्मशान भैरवि नररुधिरास्थि - वसाभक्षिणि सिद्धिं मे देहि मम मनोरथान् पूरय हुं फट् स्वाहा ॥

किसी भी असंभव मनोकामना की तत्काल पूर्ति, अत्यंत उग्र और गुप्त तांत्रिक सिद्धियों की प्राप्ति, और मारण/उच्चाटन जैसी शक्तियों का जागरण 35। यह साधक को तंत्र के सर्वोच्च रहस्यों से अवगत कराकर भौतिक सीमाओं

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारसिद्ध मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

किसी भी असंभव मनोकामना की तत्काल पूर्ति, अत्यंत उग्र और गुप्त तांत्रिक सिद्धियों की प्राप्ति, और मारण/उच्चाटन जैसी शक्तियों का जागरण 35। यह साधक को तंत्र के सर्वोच्च रहस्यों से अवगत कराकर भौतिक सीमाओं से परे ले जाता है।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

किसी भी असंभव मनोकामना की तत्काल पूर्ति, अत्यंत उग्र और गुप्त तांत्रिक सिद्धियों की प्राप्ति, और मारण/उच्चाटन जैसी शक्तियों का जागरण 35

02

यह साधक को तंत्र के सर्वोच्च रहस्यों से अवगत कराकर भौतिक सीमाओं से परे ले जाता है

जाप विधि

यह एक अत्यंत उग्र तांत्रिक साधना है जो श्मशान या अत्यंत एकांत स्थल पर योग्य तांत्रिक गुरु के सान्निध्य में ही की जाती है 35। इसमें विशिष्ट उग्र कर्मों और बलि विधानों का पालन किया जाता है।

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें