सरस्वती गायत्री (कामराज) सिद्ध मंत्र
ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि । तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
कला, शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में असीमित सफलता 74। यह मंत्र मन को शांत कर बौद्धिक स्पष्टता और तीव्र एकाग्रता प्रदान करता है 74।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कला, शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में असीमित सफलता 74। यह मंत्र मन को शांत कर बौद्धिक स्पष्टता और तीव्र एकाग्रता प्रदान करता है 74।
इस मंत्र से क्या होगा?
कला, शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में असीमित सफलता 74
यह मंत्र मन को शांत कर बौद्धिक स्पष्टता और तीव्र एकाग्रता प्रदान करता है
जाप विधि
'ऐं' बीज पर केंद्रित होकर और देवी को सभी इच्छाओं की पूर्ति करने वाले (Ruler of desires) स्वरूप में ध्यान कर जप 74।
विशेष टिप्पणियाँ
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ॐ ह्सौः श्रीं आं ग्रहाधिराजाय आदित्याय स्वाहा॥
jap mantraॐ सह नाववतु। सह नौ भुनक्तु। सह वीर्यं करवावहै। तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
shanti mantraॐ सर्वेषां स्वस्तिर्भवतु । सर्वेषां शान्तिर्भवतु । सर्वेषां पूर्णं भवतु । सर्वेषां मङ्गलं भवतु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
dhyan mantraॐ
gyan mantraॐ नमो भगवति सरस्वती परमेश्वरी वाग्वादिनी मं विद्यां देहि भगवति हंसवाहिनी हंससमारूढा बुद्धिं देहि देहि प्रज्ञां देहि देहि विद्या परमेश्वरी सरस्वती स्वाहा ॥
vaidik mantraॐ सुषारथिरश्वानिव यन्मनुष्यान्नेनीयतेऽभीशुभिर्वाजिन इव । हृत्प्रतिष्ठं यदजिरं जविष्ठं तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु ।।