ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
शरभ शालुव (आकाश भैरव कल्प)

शरभ शालुव (आकाश भैरव कल्प) सिद्ध मंत्र

ॐ बन्धय बन्धय मारय मारय नाशय नाशय हुं फट् स्वाहा

भूत-प्रेत, वेताल, और ब्रह्मराक्षस जैसी नकारात्मक शक्तियों का पूर्ण शमन 86। यह उग्र तांत्रिक कर्मों (स्तम्भन, विद्वेषण, उच्चाटन) में प्रयुक्त होता है और गहरे मनोवैज्ञानिक भय व ग्रहों के दोषों को जड़ से

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारसिद्ध मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

भूत-प्रेत, वेताल, और ब्रह्मराक्षस जैसी नकारात्मक शक्तियों का पूर्ण शमन 86। यह उग्र तांत्रिक कर्मों (स्तम्भन, विद्वेषण, उच्चाटन) में प्रयुक्त होता है और गहरे मनोवैज्ञानिक भय व ग्रहों के दोषों को जड़ से उखाड़ फेंकता है 85।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भूत-प्रेत, वेताल, और ब्रह्मराक्षस जैसी नकारात्मक शक्तियों का पूर्ण शमन 86

02

यह उग्र तांत्रिक कर्मों (स्तम्भन, विद्वेषण, उच्चाटन) में प्रयुक्त होता है और गहरे मनोवैज्ञानिक भय व ग्रहों के दोषों को जड़ से उखाड़ फेंकता है

जाप विधि

आकाश भैरव कल्प तंत्र के अंतर्गत इस माला मंत्र का विधिवत यन्त्र पूजन, रुद्राभिषेक और विशिष्ट आहुतियों के साथ जप किया जाता है 85।

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