छिन्नमस्ता महाविद्या सिद्ध मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये हूं हूं फट् स्वाहा ॥
ईडा, पिंगला और सुषुम्ना नाड़ियों का प्रत्यक्ष जागरण 8। यह काम और रति (भौतिक वासना) पर पूर्ण विजय, देह-अहंकार का विनाश, और शत्रुओं का निर्मूलन करता है 8। यह मंत्र अनंत आध्यात्मिक शक्ति (Shiva-Shakti un
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
ईडा, पिंगला और सुषुम्ना नाड़ियों का प्रत्यक्ष जागरण 8। यह काम और रति (भौतिक वासना) पर पूर्ण विजय, देह-अहंकार का विनाश, और शत्रुओं का निर्मूलन करता है 8। यह मंत्र अनंत आध्यात्मिक शक्ति (Shiva-Shakti union) और असीमित ज्ञान प्रदान करता है 8।
इस मंत्र से क्या होगा?
ईडा, पिंगला और सुषुम्ना नाड़ियों का प्रत्यक्ष जागरण 8
यह काम और रति (भौतिक वासना) पर पूर्ण विजय, देह-अहंकार का विनाश, और शत्रुओं का निर्मूलन करता है 8
यह मंत्र अनंत आध्यात्मिक शक्ति (Shiva-Shakti union) और असीमित ज्ञान प्रदान करता है
जाप विधि
साधक पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर मुख कर जप करता है 36। पूर्ण सिद्धि के लिए ४ लाख जप और पलाश या बिल्व पुष्पों से ४०,००० आहुतियों का विधान है 37। जप से पूर्व और पश्चात इसे 'ॐ ह्रीं ॐ' से सम्पुटित (लॉक/अनलॉक) किया जाता है 37।
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