अष्टसिद्धि योग (वशित्व सिद्धि) सिद्ध मंत्र
ॐ वं वशितायै नमः स्वाहा ।
सभी प्राणियों के मन, विचारों और व्यवहार पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की शक्ति 50। आधुनिक संदर्भ में यह प्रेम, करुणा और ऊर्जा के माध्यम से दूसरों को असीमित रूप से प्रभावित करने की क्षमता है 50।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
सभी प्राणियों के मन, विचारों और व्यवहार पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की शक्ति 50। आधुनिक संदर्भ में यह प्रेम, करुणा और ऊर्जा के माध्यम से दूसरों को असीमित रूप से प्रभावित करने की क्षमता है 50।
इस मंत्र से क्या होगा?
सभी प्राणियों के मन, विचारों और व्यवहार पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की शक्ति 50
आधुनिक संदर्भ में यह प्रेम, करुणा और ऊर्जा के माध्यम से दूसरों को असीमित रूप से प्रभावित करने की क्षमता है
जाप विधि
उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा की ओर मुख करके उच्चारण किया जाता है 53। वशीकरण ऊर्जा को आज्ञा चक्र पर केंद्रित किया जाता है।
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kavach mantraक्रीं कालिकायै स्वाहा मम नाभिं सदावतु ॥ ह्रीं कालिकायै स्वाहा मम पृष्ठं सदावतु । रक्तबीजविनाशिन्यै स्वाहा हस्तौ सदावतु ॥ नीलुत्वल दलश्यामा शत्रु संघ विदारणी नरमुंड तथा खगम कमलम च वरम तथा निर्भयाम रक्त बदनाम दस्ताली घोर रूपणी शवासनताम काली मुंडमाला विभूषिताम सर्वाङ्गं पातु मे देवी सर्व संपत् करे शुभे सर्व देव स्तु ते देवी कालिके तवाम नमाम यहम 23
beej mantraप्रौं
ugra mantraॐ भम भैरवाय कम कम दुर्जन विनाशाय शत्रु नाशाय फट स्वाहा
dhyan mantraकस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्षःस्थले कौस्तुभं नासाग्रे नवमौक्तिकं करतले वेणुं करे कङ्कणम्। सर्वाङ्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलिं गोपस्त्रीपरिवेष्टितो विजयते गोपालचूडामणिः॥
stotra mantraकुंचितै: कुन्तलैर्भ्राजमानाननं रत्नमौलिं लसत्कुण्डलं गण्डयो:। हारकेयूरकं कंकणप्रोज्ज्वलं किंकिणीमंजुलं श्यामलं तं भजे।। 9