ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
शुक्र

शुक्र नवग्रह मंत्र

ॐ प्र वः शुक्राय भानवे भरध्वं हव्यं मतिं चाग्नये सुपूतम्। यो दैव्यानि मानुषा जनूंष्यन्तर्विश्वानि विद्मना जिगाति।।

विचारों में पवित्रता, शारीरिक सौंदर्य, और ब्रह्मांडीय ऐश्वर्य के प्रबल आकर्षण हेतु विशिष्ट वैदिक यज्ञों व नित्य कर्म में प्रयोग। 19

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारनवग्रह मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

विचारों में पवित्रता, शारीरिक सौंदर्य, और ब्रह्मांडीय ऐश्वर्य के प्रबल आकर्षण हेतु विशिष्ट वैदिक यज्ञों व नित्य कर्म में प्रयोग। 19

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

विचारों में पवित्रता, शारीरिक सौंदर्य, और ब्रह्मांडीय ऐश्वर्य के प्रबल आकर्षण हेतु विशिष्ट वैदिक यज्ञों व नित्य कर्म में प्रयोग

जाप विधि

शुक्रवार के दिन सूर्योदय के समय श्वेत वस्त्र धारण कर स्फटिक माला से जप। 19

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