चंद्र नवग्रह मंत्र
ॐ श्रीं क्रीं ह्रां चं चन्द्राय नमः॥
तंत्र विद्या में मानसिक स्थिरता प्राप्त करने, तीव्र सम्मोहन शक्ति का विकास करने और चंद्र की सौम्य तांत्रिक ऊर्जा को आकर्षित कर धन एवं ऐश्वर्य की वृद्धि हेतु इस आगम मंत्र का प्रयोग किया जाता है। 8
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
तंत्र विद्या में मानसिक स्थिरता प्राप्त करने, तीव्र सम्मोहन शक्ति का विकास करने और चंद्र की सौम्य तांत्रिक ऊर्जा को आकर्षित कर धन एवं ऐश्वर्य की वृद्धि हेतु इस आगम मंत्र का प्रयोग किया जाता है। 8
इस मंत्र से क्या होगा?
तंत्र विद्या में मानसिक स्थिरता प्राप्त करने, तीव्र सम्मोहन शक्ति का विकास करने और चंद्र की सौम्य तांत्रिक ऊर्जा को आकर्षित कर धन एवं ऐश्वर्य की वृद्धि हेतु इस आगम मंत्र का प्रयोग किया जाता है
जाप विधि
सोमवार की रात्रि को स्फटिक यंत्र या पारद शिव लिंग के समक्ष चांदी के पात्र में जल रखकर स्फटिक की माला से नित्य एक माला जप का विधान है। 8
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
हुताशन
siddh mantraॐ ह्रौं जूं सः भूर्भुवः स्वः त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् भूर्भुवः स्वरौ जूं सः ह्रौं ॐ ॥
sabar mantraकाल भैरव का जो नाम ले नर नारी उसके लिए मूठ कभी ना पड़े भारी जय जय काल भैरव देव मूठ चली हवा बनकर काल भैरव चले ढाल बनकर अष्ट हाथ भैरव जी के फैले काट दी जड़ मूठ की चढ़ा दी आकाश नीचे काटी ऊपर काटी काट दी पाताल में 11
gyan mantraयां मेधां देवगणाः पितरश्चोपासते । तया मामद्य मेधयाऽग्ने मेधाविनं कुरु स्वाहा ॥
vaidik mantraॐ सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात् । स भूमिं विश्वतो वृत्वात्यतिष्ठद्दशांगुलम् ॥
mool mantraॐ चुं चण्डीश्वराय तेजस्याय चुं ॐ फट्