चंद्र नवग्रह मंत्र
ॐ श्रीं क्रीं ह्रां चं चन्द्राय नमः॥
तंत्र विद्या में मानसिक स्थिरता प्राप्त करने, तीव्र सम्मोहन शक्ति का विकास करने और चंद्र की सौम्य तांत्रिक ऊर्जा को आकर्षित कर धन एवं ऐश्वर्य की वृद्धि हेतु इस आगम मंत्र का प्रयोग किया जाता है। 8
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
तंत्र विद्या में मानसिक स्थिरता प्राप्त करने, तीव्र सम्मोहन शक्ति का विकास करने और चंद्र की सौम्य तांत्रिक ऊर्जा को आकर्षित कर धन एवं ऐश्वर्य की वृद्धि हेतु इस आगम मंत्र का प्रयोग किया जाता है। 8
इस मंत्र से क्या होगा?
तंत्र विद्या में मानसिक स्थिरता प्राप्त करने, तीव्र सम्मोहन शक्ति का विकास करने और चंद्र की सौम्य तांत्रिक ऊर्जा को आकर्षित कर धन एवं ऐश्वर्य की वृद्धि हेतु इस आगम मंत्र का प्रयोग किया जाता है
जाप विधि
सोमवार की रात्रि को स्फटिक यंत्र या पारद शिव लिंग के समक्ष चांदी के पात्र में जल रखकर स्फटिक की माला से नित्य एक माला जप का विधान है। 8
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गुरु गोरखनाथ की दुहाई, फूल चढ़े तो वह मोहे। शब्द सांचा, पीर मेरा पावना 13
kavach mantraऊरू रघूत्तमः पातु रक्षःकुलविनाशकृत्। जानुनी सेतुकृत् पातु जङ्घे दशमुखान्तकः। पादौ विभीषणश्रीदः पातु रामोऽखिलं वपुः। एतां रामबलोपेतां रक्षां यः सुकृती पठेत्। स चिरायुः सुखी पुत्री विजयी विनयी भवेत्। पातालभूतलव्योम- चारिणश्छद्मचारिणः। न द्रष्टुमपि शक्तास्ते रक्षितं रामनामभिः। रामेति रामभद्रेति रामचन्द्रेति वा स्मरन्। नरो न लिप्यते पापैर्भुक्तिं मुक्तिं च विन्दति। जगज्जैत्रैकमन्त्रेण रामनाम्नाभिरक्षितम्। यः कण्ठे धारयेत्तस्य करस्थाः सर्वसिद्धयः। वज्रपञ्जरनामेदं यो रामकवचं स्मरेत्। अव्याहताज्ञः सर्वत्र लभते जयमङ्गलम्। 34
ugra mantraओउम कालभैरवरूपाय त्रिनेत्राय महात्मने। प्रेतासनस्थितायैव खडगडमरूधारिणे।। जटाजूटधारी कराल वदनाय च। नमो नमः सदानंद भक्तवत्सल शम्भवे।। ओउम भं भैरवाय भीषणाय नखदंष्ट्राय विकर्तनाय। ताण्डवेशाय रक्तनेत्राय रक्षकाय शत्रुनाशकाय स्वाहा
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jap mantraॐ उलटत नरसिंह पलटत काया एहिले नरसिंह तोहे बुलाया जो मोर नाम करत सो मरत परत भैरव चक्कर में उल्टी वेद उसी को लागे कार दुहाई बड़े वीर नरसिंह की दुहाई कामरो कामाख्या देवी की दुहाई अष्टभुज देवी कालिका की दुहाई शिव सतगुरु के बंदे पायो