भगवान शिव (महामृत्युंजय) जप मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
अकाल मृत्यु से रक्षा, असाध्य रोगों से मुक्ति, दीर्घायु, अनिष्ट ग्रहों की शांति और जन्म-मरण के चक्र से मोक्ष। 2
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
यह मंत्र क्यों?
अकाल मृत्यु से रक्षा, असाध्य रोगों से मुक्ति, दीर्घायु, अनिष्ट ग्रहों की शांति और जन्म-मरण के चक्र से मोक्ष। 2
इस मंत्र से क्या होगा?
अकाल मृत्यु से रक्षा, असाध्य रोगों से मुक्ति, दीर्घायु, अनिष्ट ग्रहों की शांति और जन्म-मरण के चक्र से मोक्ष
जाप विधि
सवा लाख जप का पुरश्चरण या नित्य १०८ बार। रुद्राक्ष माला अनिवार्य, कुशा आसन पर ब्रह्ममुहूर्त में। 2
विशेष टिप्पणियाँ
अलग-अलग श्रेणियों से
हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः (सामान्य मूल: ॐ सूर्याय नमः)
kaamya mantraॐ क्लीं श्रीं ह्रीं जूं ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॐ स्वः भुवः भूः ॐ जूं ह्रीं श्रीं क्लीं ॐ।
bhakti mantraगोपाला गोपाला देवकीनन्दन गोपाला
naam mantraवराह
siddh mantraक ए ई ल ह्रीं । ह स क ह ल ह्रीं । स क ल ह्रीं ॥
dhyan mantraॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥