ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
उद्देश्य अनुसार मंत्र
भगवान शिव (महामृत्युंजय)

भगवान शिव (महामृत्युंजय) जप मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

अकाल मृत्यु से रक्षा, असाध्य रोगों से मुक्ति, दीर्घायु, अनिष्ट ग्रहों की शांति और जन्म-मरण के चक्र से मोक्ष। 2

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

जप काउंटर लोड हो रहा है...

प्रकारजप मंत्र
प्रयोजन

यह मंत्र क्यों?

अकाल मृत्यु से रक्षा, असाध्य रोगों से मुक्ति, दीर्घायु, अनिष्ट ग्रहों की शांति और जन्म-मरण के चक्र से मोक्ष। 2

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अकाल मृत्यु से रक्षा, असाध्य रोगों से मुक्ति, दीर्घायु, अनिष्ट ग्रहों की शांति और जन्म-मरण के चक्र से मोक्ष

जाप विधि

सवा लाख जप का पुरश्चरण या नित्य १०८ बार। रुद्राक्ष माला अनिवार्य, कुशा आसन पर ब्रह्ममुहूर्त में। 2

विशेष टिप्पणियाँ

इसे भी पढ़ें

अलग-अलग श्रेणियों से

हर श्रेणी से एक चुनिंदा मंत्र — नया खोजें